Poetry

जिंदगी एक सफ़र

“जिंदगी एक सफ़र” यह एक लाइन हम सबने कई बार और बारंबार सुनी हैं, चाहे वह अंदाज़ फिल्म में किशोर कुमार की आवाज़ में गाया हुआ गाना हो (जिंदगी एक सफ़र हैं सुहाना ….. ) जिसमे राजेश खन्ना आने वाले कल की मुश्किलों से बेफिकर दिखाई पड़ते हैं या सफ़र फिल्म में किशोर दा की 

आगे पड़ने के लिए …

सफ़र एक शुरुआत

चल पड़ो उस राह में जहां डगर नई सी हों। शहर नया सा हों और सहर नई सी हों। नए से हो चेहरे, जुबां नई सी हों। खिलखिलाते चेहरों पर मुस्कान नई सी हो।